जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे Jinhe Ishq Mohabbat Pyar Kahe Lyrics in Hindi from Maharaja (1998)

Jinhe Ishq Mohabbat Pyar Kahe Lyrics in Hindi. जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे song from Maharaja 1998. It stars Govinda, Manisha Koirala, Raj Babbar, Shakti Kapoor. Singer of Jinhe Ishq Mohabbat Pyar Kahe is Kavita Krishnamurthy. Lyrics are written by Maya Govind Music is given by Nadeem Saifi, Shravan Rathod

Song Name : Jinhe Ishq Mohabbat Pyar Kahe
Album / Movie : Maharaja 1998
Star Cast : Govinda, Manisha Koirala, Raj Babbar, Shakti Kapoor
Singer : Kavita Krishnamurthy
Music Director : Nadeem Saifi, Shravan Rathod
Lyrics by : Maya Govind
Music Label : Polygram Music

जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है

जो दिल को बहुत तड़पाते है
जो दिल को बहुत तड़पाते है
वो लोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है

आँखे जुगनु बदन शरारा
पानी में भी तन अंगारा
जब से तेरी लगन लगी है
जाने कैसी ागन जगी है
नूरानी है ये रूप मेरा
पानी में जैसे जलते है
जो दिल को बहुत तड़पाते है
वो लोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है

ये ख़ामोशी ये तन्हाई
उसपे ज़ालिम ये अंगड़ाई
अब क्या कहना अब क्या सुनना
तुहि जाने क्या है करना
दिलवाले तो इस आलम में
मासूम खटाये करते है
जो दिल तो बहुत तड़पाते है
वो लोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है
जिन्हे इश्क़ मोहब्बत प्यार कहे
वो रोग क्यों अच्छे लगते है
वो रोग क्यों अच्छे लगते है
वो रोग क्यों अच्छे लगते है.

Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai

Jo dil ko bahut tadpate hai
Jo dil ko bahut tadpate hai
Wo log kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai

Aankhe jugnu badan sharara
Pani mein bhi tan angara
Jab se teri lagan lagi hai
Jane kaisi agan jagi hai
Noorani hai ye rup mera
Pani mein jaise jalte hai
Jo dil ko bahut tadpate hai
Wo log kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai

Ye khamoshi ye tanhai
Uspe zalim ye angdayi
Ab kya kahna ab kya sunna
Tuhi jane kya hai karna
Dilwale to is aalam mein
Masum khataye karte hai
Jo dil to bahut tadpate hai
Wo log kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai
Jinhe ishq mohabbat pyar kahe
Wo rog kyun ache lagte hai
Wo rog kyun ache lagte hai
Wo rog kyun ache lagte hai.