जशन-ए-बहरा Jashn-E-Bahara Lyrics In Hindi- Jodhaa Akbar

Lyrics Title: Jashn-E-Bahara
Movies: Jodhaa Akbar
Singers: Javed Ali
Lyrics: Javed Akhtar
Music: A.R. Rahman
Music Company: UTV.

केहने को जशन-ए-बहरा है
इश्क ये देखके हैरां है
केहने को जशन-ए-बहरा है
इश्क ये देखके हैरां है

फूल से खुसबू खफा खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में
सरे सेहमें नज़ारे हैं, सोये सोये वक़्त के धारे हैं
और दिल में कोई खोयी सी बातें हैं
हो केहने को जशन-ए-बहरा है
इश्क ये देखके हैरां है
फूल से खुसबू खफा खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में

कैसे कहें क्या है सितम, सोचते है अब ये हम
कोई कैसे कहें वोह है या नहीं हमारे
करते तो है साथ सफ़र, फासले हैं फिर भी मगर
जैसे मिलते नहीं किसी दरिया के दो किनारे
पास हैं फिर भी पास नहीं, हमको ये गम रास नहीं
शीशे की एक दिवार है जैसे दरमियाँ
सरे सेहमें नज़ारे हैं, सोये सोये वक़्त के धारे हैं
और दिल में कोई खोयी सी बातें हैं
हो केहने को जशन-ए-बहरा है
इश्क ये देखके हैरां है
फूल से खुसबू खफा खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में

हमने जो था नगमा सुना, दिल ने था उसको चुना
ये दास्तान हमें वक़्त ने कैसे सुने
हम जो अगर है गमगीन, वो भी उधर खुश तो नहीं
मुलाकातों में जैसे घुल सी गयी तन्हाई
मिलके भी हम मिलते नहीं, खिलके भी गुल खिलते नहीं
आँखों में है बहारें दिल में खिज़ा
सरे सेहमें नज़ारे हैं

सरे सेहमें नज़ारे हैं, सोये सोये वक़्त के धारे हैं
और दिल में कोई खोयी सी बातें हैं
हो केहने को जशन-ए-बहरा है
इश्क ये देखके हैरां है
फूल से खुसबू खफा खफा है गुलशन में
छुपा है कोई रंज फिज़ा की चिलमन में